भूलना सीखो दुनियाँ की बातों को, भूलना सीखो किसी का भला कर दिया उसको और भूलना सीखो किसी ने कुछ अपशब्द कह दिए उसको।
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
भूलना सीखो दुनियाँ की बातों को, भूलना सीखो किसी का भला कर दिया उसको और भूलना सीखो किसी ने कुछ अपशब्द कह दिए उसको।
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
संग्रह के रोग को छोडकर भगवान की ओर जाने का प्रयास करें । उसकी कृपा मिल गई तो समझो सबकुछ मिल गया। यह हमेशा ध्यान रखें कि माल का संग्रह कर उसे सही-सलामत रखने में बहुत बड़ी चिंता होती है, जबकि माला फ़ेरकर प्रभु चिंतन करने में निश्चिंतता आती है। जहाँ निश्चिंतता है वही आनन्द और सुख-शांति है।
परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज
जीवन संगीत है। सुर से बजाओगे तो बहुत अच्छा है, मधुर है और अगर सुर से भूल गए तो शोर है जीवनऔर उसको खुद भी नहीं सुन पाओगे दूसरे तो क्या सुनेगें ।
जीवन है चुनौती । नित नई नई चुनौती बनकर सामने आती हैं । जब आप बहादुर होकर चुनौती को स्वीकार करते हैं
तो वो कुछ न कुछ देकर ही जाएँगी, कुछ लाभ देंगी ।
अभ्यास से ही आदत बनती है। अच्छाई का अभ्यास लगातार करते जाइए वह आदत बन जाएगी।
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
दूसरे को बदलने की अपनी ताकत को बहुत करके मत आँक लेना। कोई फ़र्क पड़ने वाला नहीं है किसी को। परम पूज्य सुधांशुजी महाराज |