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Sunday, August 31, 2014

Fwd: [Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008] एक दफा एक राजा

एक दफा एक राजा




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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 



एक दफा एक राजा के  ऊपर  किसि दूसरे राजा ने हमला कर दिया ! राजा ने अपने ज्योतिषी को बुलाया और उनसे पूछा कि हम को क्या करना चाहिए ! ज्योतिषी ने उत्तर दिया महाराज जिस दिशा से हमला हुआ हे वह पूरब की और हे और आज उधर दिशाशूल हे ,आज हम उस और नहीं जा सकते ! व़जीर बराबर कह रहा हे कि महाराज फौरन हमला करो ! राजा ने कहा नहीं हम को ज्योतिषी की बात मननी है ! ज्योतिशी ने कहा हम को इस समय उलटी दिशा में जाना चाहिए ! और वो पश्चिम की और चल दिए !
उनका व़जीर बार बार कह रहा हे महारज हमला करो ! राजा ने कुछ नहीं सुना !
रासते में उन को एक किसान मिला जो पूरब की और जा रह था ! ज्योतिषी ने उस को रोका और बोला आज इधर दिशाशुल है इधर मत जाओ ! किसान बोला हजूर इधर तो में जब से मेने होश सम्भाला अपने खेत पर जाता रहा हूँ और मेरे बाप दादा भी जाते रहे हें ! ज्योतिषी ने कहा अच्छा अपना हाथ दिखा ! किसान ने उस को अपना उलटा हाथ दिखाया ज्योतिषी ने कहा सीधा कर के दिखाओ !
किसान बोला हम भिखारी नही हैं जो हाथ फेलाए ! हमारे शहर मे महाकाल का बास हे हम को काहे का डर हे .! और वह जै महाकाल कह कर चला गया !
राजा को भी अकल आइ और उसने मंत्री से कहा हमला बोलो और जै महकाल का नारा लगा कर हमला बोल दिया और जीत गया !



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008 at 8/31/2014 04:15:00 PM

Wednesday, August 27, 2014

Fwd: [IDHAR UDHAR KEE] अश्क आख़िर




आज का गुरु संदेश 27-8-2014
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


  • अश्क आख़िर अश्क है शबनम नहीं है ,
  • दर्द आखिर दर्द है सरगम नहीं है ,
  • उम्र के त्यौहार में रोना मना है ,
  • जिंदगी आख़िर जिंदगी है मातम नहीं है !
  • परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


  • --
    Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to IDHAR UDHAR KEE at 8/27/2014 09:43:00 AM

    Tuesday, August 26, 2014

    Fwd: आज का गुरु संदेश 26-8-2014

     



    आज का गुरु संदेश 26-8-2014
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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


    "जीवन की सम्पूर्णता है आनन्द और आनन्द परमात्मा का ही एक रूप या एक नाम है, जिसे सच्चिदानन्द कहा जाता है। हमारा जन्म परमात्मा से मिलने के लिए ही हुआ है और इसी उद्देश्य को लेकर हम दुनिया में आए है। वस्तुतः जीवन एक अवसर है परमात्मा से मिलने के लिए।"


    Saturday, August 23, 2014

    Fwd: [Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008] जीवन में जरुरी

    जीवन में जरुरी





     जीवन में जरुरी



      परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

       मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    • जीवन के लिए तीन चीजें जरुरी हैं :-
    • ज्ञान ,कर्म और उपासना 
    • (भक्ति ), 
    • इन तीनों के बगेर जीवन नहीं चल सकता !
    • गुरुवर सब की रक्षा करें



    --
    Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008 at 8/23/2014 10:19:00 AM

    Friday, August 22, 2014

    Fwd: विपत्ती मैं

    विपत्ती मैं

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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    • भगवान को भूलना मत ,
    • सत्य को छोड़ना मत ,
    • संपति से फूलना मत ,
    • विपत्ती मैं मुरझाना मत ,
    • परमार्थ सेवा करने से रुकना मत !
    • परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 


    Tuesday, August 19, 2014

    Fwd: अगर थोड़ा-सा भी


    अगर थोड़ा-सा भी




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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


    "अगर थोड़ा-सा भी कोई आपका भला करे तो आप कितना कितना धन्यवाद करते हें ।लेकिन वह जो रात-दिन आपका भला कर रहा है, आप पर कृपा कर रहा है, क्या हम इतना-सा भी नहीं कर सकते कि सुबह शाम बैठकर हाथ जोड़कर उस दाता से कहें कि प्रभु तेरा लाख-लाख शुक्र हें । तूने हम पर बड़ी कृपा की । इतनी सभ्यता का परिचय तो कम-से-कम हमें देना चाहिए ।"


    Thursday, August 14, 2014

    Fwd: यदि हम आध्यात्मिक


    यदि हम आध्यात्मिक


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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    "यदि हम आध्यात्मिक नगरी में प्रवेश करना चाहते है तो सबसे पहले वैर को छोड़ना सीखें । अभी से नियम बनाइये कि मुझे किसी से वैर नहीं रखना। वैर नहीं तो प्रतिशोध नहीं , बदला भी नहीं । अपने को बदलने में विश्वास रखिये, दूसरों से बदला लेने की इच्छा नहीं करें ।"


    Fwd: यदि हम आध्यात्मिक



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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    "यदि हम आध्यात्मिक नगरी में प्रवेश करना चाहते है तो सबसे पहले वैर को छोड़ना सीखें । अभी से नियम बनाइये कि मुझे किसी से वैर नहीं रखना। वैर नहीं तो प्रतिशोध नहीं , बदला भी नहीं । अपने को बदलने में विश्वास रखिये, दूसरों से बदला लेने की इच्छा नहीं करें ।"


    Wednesday, August 13, 2014

    Fwd: [Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008] जंगल का राजा सिंह

    जंगल का राजा सिंह


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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


    "जंगल का राजा सिंह सबसे ज्यादा पराक्रमी, बलशाली और शक्तिशाली होता हें । इतना सामर्थ्यवान होने के बाद भी
    उसके मुख में शिकार अपने आप आकर नहीं गिरता। उसे भी उठकर परिश्रम करना पड़ता हें ।
    दुनियाँ में चाहे कोई कितना भी समर्थ हें या असमर्थ हें, निर्बल या बलशाली हें, हर एक को परिश्रम करना पड़ेगा,
    अगर वह सफलता प्राप्त करना चाहता हें"।




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    Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008 at 8/13/2014 10:21:00 AM

    Saturday, August 9, 2014

    Fwd: [Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008] Fwd: [AMRIT VANI ] jeevan main




     jeevan main





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    Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/09/2014 10:50:00 am को पोस्ट किया गया



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    Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008 at 8/09/2014 11:00:00 AM

    Friday, August 8, 2014

    Fwd: पैसे से आप

    पैसे से आप


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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 



    • पैसे से आप बिसतर खरीद सकते हैं नींद नहीं

      पैसे से आप भोजन खरीद सकते हैं भूख नहीं

      पैसे से आप आदमी खरीद सकते हैं वफादारी नहीं

      पैसे से आप दवा खरीद सकते हैं सवासथ नहीं

      पैसे से आप किताब खरीद सकते हैं ज्ञान नहीं

      पैसे से आप पाउडर खरीद सकते हैं सुन्दरता नहीं

      पैसे से आप औरत खरीद सकते हैं पत्नी नहीं

      पैसे से आप शस्त्र खरीद सकते हैं होसला नहीं

      पैसे से आप मूर्ती खरीद सकते हैं भगवान नहीं

      पैसे से आप सुख साधन खरीद सकते हैं शांति नहीं


    --


    Thursday, August 7, 2014

    Fwd: माया

     


    माया

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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    • माया तेरे तीन नाम
    • परसा , परसी , परसराम !
    • लुच्चा , गुनडा , बेईमान !
    • अपनी हर मरजी भगवान से जोड़ दो !
    • भक्ति जब जागती हे तो इनसान थोड़े में भी खुश हो जाता है !
    • ऐसे मत चलो की देर हो जाए !
    • हमेशा सोते मत रहो की अवसर निकल जाए !
    • अच्छा काम फोरन करो बुरे काम के लिए देर कर दो !


    Tuesday, August 5, 2014

    Fwd: मन की शान्ति के लिए (भाग -१ )

    मन की शान्ति के लिए (भाग -१ )



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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


    • भूत को याद करके दुःखी मत होओं !
    • भविष्य की चिंता मत करो !
    • वर्त्तमान में जीओ !
    • किसी से कोई अपेक्षा मत रखो !
    • अपने कर्म बिना फल की इच्छा के करते जाओ !

    Saturday, August 2, 2014

    Fwd: मन की शान्ति के लिए (भाग -२)



    ---------- Forwarded message ----------
    From: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>
    Date: 2014-08-02 19:04 GMT+05:30
    Subject: मन की शान्ति के लिए (भाग -२)
    To:


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    अपनी इच्छायों को नियनत्रण में रखो !
    क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
    हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
    भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
    किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो !


    Fwd: [FIND DIFFERENT PRODUCTS] मन की शान्ति के लिए (भाग -२)



    ---------- Forwarded message ----------
    From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
    Date: 2014-08-02 19:04 GMT+05:30
    Subject: [FIND DIFFERENT PRODUCTS] मन की शान्ति के लिए (भाग -२)
    To: mggarga1@gmail.com


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    अपनी इच्छायों को नियनत्रण में रखो !
    क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
    हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
    भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
    किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो !



    --
    Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to FIND DIFFERENT PRODUCTS at 8/02/2014 07:04:00 PM

    Thursday, July 31, 2014

    Fwd: [Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008] मन की शान्ति के लिए




    मन की शान्ति के लिए 
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    • अपनी इच्छायों को नियनत्रण में रखो !
    • क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
    • हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
    • भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
    • किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो 


    --
    Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to Ichchaa Purti Mandir started by mggarga on20/10/2008 at 7/31/2014 09:58:00 AM

    Wednesday, July 30, 2014

    Fwd: "भगवान को पाने



    ---------- Forwarded message ----------
    From: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>
    Date: 2014-07-30 9:47 GMT+05:30
    Subject: "भगवान को पाने
    To:






    "भगवान को पाने के लिये मन में केवल भगवान को बिठाइये। संसार मै रहिये, किन्तु संसार को मन में मत बसा लीजिये। 

    परमात्मा का नूर चारों ओर बरस रहा है, फूलों में , नदियों में , तितलियों के रंगबिरंगे पंखों में । समस्त सृष्टि उसकी सुन्दर रचना है।

    इसे पर्यटक बन कर भोगो।"

     

    परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज


    "भगवान को पाने





    "भगवान को पाने के लिये मन में केवल भगवान को बिठाइये। संसार मै रहिये, किन्तु संसार को मन में मत बसा लीजिये। 

    परमात्मा का नूर चारों ओर बरस रहा है, फूलों में , नदियों में , तितलियों के रंगबिरंगे पंखों में । समस्त सृष्टि उसकी सुन्दर रचना है।

    इसे पर्यटक बन कर भोगो।"

     

    परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज

    Tuesday, July 29, 2014

    Fwd: [ANANDDHAM.ORG] गुरुवाणी

    mun mandir




    • जैसे चुन-चुनकर चीजें घर का ड्राइंग-रूम सजाते हो , ऐसे ही चुन-चुनकर गुणों से ह्रदय के मन्दिर को सजाने की कोशिश करो !


    --


    Monday, July 28, 2014

    Fwd: [ANANDDHAM.ORG] 9/07/2009 10:11:00 AM




    Must read it.......

    There was a huge Apple tree...
    A Little boy loved to play with it
    He Love to climb the tree, love to eat apples...love to take the nap under its shadow
    Times went on...
    The Boy grew up...
    And he no longer play around the tree



    One day the boy came....


    The Tree asked him...
    "Hi…
    Come and Play with me..."


    The boy replied.
    " I m not a kid. I don't play around tree"


    "I play with toys. I need money to buy toys."

    The Tree said... "I Don't have Money but you can take all my apples and sell them.
    You will get the MONEY."


    The boy picked all the apples of the tree and went...
    He sold the apples and got money... he bought lots of toys...
    But he didn't turn back...
    ..
    ..
    The Tree was again sad...

    ..
    ..
    ..
    One day again the boy came, he became a young man now......

    The Tree said... "HI...Why Are you sad? Come and Sit under my shadow...
    I m feeling very lonely without you..."

    The boy said...
    "I don't have time...
    I work for my family...
    I want to build Home for them... I Need money..."

    The Tree said.. "I don't have money... You can take my Branches and Trunk... and build you home...."


    The Boy Became Happy...
    He cut all the branches and trunk of the tree


    And built a home for him......

    Again, the tree became alone...

    ..
    ..
    ..

    The boy didn't turn back…
    ...
    Time passes on …


    After Long time the boy came back…
    ...
    ...
    He was so old...
    Looking sad ...
    Tired...
    And Lonely…


    The Tree asked him... "Why are you Sad...?
    I Wish... I can help you...

    ...but I Don't have Apples... I don't have branches... Even
    I don't have Shadow...
    Nothing to Offer you...

    The Boy (Old man) Replied...
    "I am tired of my life...
    I am alone..."

    ..." I just need you ...
    Can I sit down at your roots."
    ...


    The Boy (Old man) sits down... Both were happy & weeping...


    Is the boy really cruel and selfish??
    ??
    ??
    ??
    ??
    ??
    No...

    We all are like him...
    And treating our parent like that...

    The tree is like our parent


    We love to play them when we were kids...
    We leave them alone...and come only when...


    We are in need or in trouble

    We don't have Time for our Parent...

    No matter what, parent will always give everything...


    To make us happy and solve our problems...


    ! And in return what they want....
    Just our company!
    Please love to your parent...

    Don't forget them...
    Give them Time...
    Give them your company...
    They will be happy by seeing you happy....


    Please don't leave your parent...
    Gratitude them...
    One can have Child as many as he want, but parent he gets only
    ONCE...

                               Think about this…………..

                                                                       

                                                              From the desk of Yuva Kranti dal

     



    --


    Sunday, July 27, 2014

    Fwd: [Sarathi] New Video

    Fwd: अमृत वचन


      

    "हम इस बात को समझें कि सफलताएँ जो जीवन में घटी, उन्हें याद करें और उनसे सबक लें , जिससे उनको दोहराया जा सके।

    अपनी विफलताओं को भी याद करो, बारबार उन पर भी ध्यान दो, उनसे भी सबक लो कि वो क्यों घटी ?

    और उनको इसलिए ध्यान में रखो कि वो फिर दोहराईं ना जा सकें ।"

     

    परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज

     







    Friday, July 25, 2014

    Fwd: [ANAND DHAMM] Fw: [GURUVANNI] पारस मणी


     पारस मणी



    • यदि आपने पात्रता सिद्ध करदी तो गुरु से सब कुछ ले सकते हो ! पारस मणि से भी कीमती हैं गुरु !


    --


    Fwd: u tubes






      Om Naha Shivaya

    Please look at these videos on shiva

    Sundaranana

    http://www.youtube. com/watch? v=EsMVZw2wQyc

    Om namaha Shivaya1
    http://www.youtube. com/watch? v=6dEch2dsPKI

    Ambe bhavani maa

    http://www.youtube. com/watch? v=1Ws9fGJULe0

    Shivaraja Maheshwara

    http://www.youtube. com/watch? v=-bAsVEDxnjo

    Namah Shivaya

    http://www.youtube. com/watch? v=9EivtnLjaV0



    Nagarajan


    Add whatever you love to the Yahoo! India homepage. Try now!

    Wednesday, July 23, 2014

    Fwd: [ANAND DHAMM] Fw: [GURUVANNI] भावनायें

    भावनायें

    सृष्टि का आधार है गृहस्त आश्रम और सुखी गृहस्त का आधार है प्रेम एवं सहानुभुति ! घर परिवार में मनुष्य को प्रेम -सहानुभूती चाहिए !भावनायें संबंधों को मजबूत करने में बहुत काम आती हैं , बच्चे के जीवन में माँ बाप के वात्सल्य के बिना बहुत कुछ अविकसित रह जाता है !जहां प्रेम है वहां समर्पण भी है !शादी के समय वर कन्या एक दुसरे को हार पहनाते हैं , अगर उस हार के अन्दर का धागा टूट जाए तो फूल बिखर जाते हैं ! जैसे वह हार नहीं रहता ऐसे ही गृहस्त जीवन प्रेम के धागे से बंधा रहता है और प्रेम टूट गया तो परिवार बिखर गया !घर परिवार में प्रेम नहीं तो व्यक्ति कितना ज्ञानी ,कितना ध्यानी और कितना ही बली और बहादुर क्यों न हो मिट जायेगा !



    Monday, July 21, 2014

    Fwd: [ANANDDHAM.ORG] संघर्ष

    ] संघर्ष



    भगवान क्रष्ण ने कहा कि जीवन एक संघर्ष है , चुनोती है ,परिक्षासथल है ,रणक्षेत्र है ,इसका सामना करना होगा ,परीक्षा देनी ही होगी , संघर्ष तब तक रहेगा जब तक सांस चलेगा , इसलिए , संगर्ष से भागना नहीं स्थिर होकर उसका सामना करना !


    --


    Sunday, July 20, 2014

    शुद्धि



    शरीर की शुद्धि जल से होती है,

    मन की शुद्धि सत्य से होती है,

    आत्मा की शुद्धि विद्या और तप से होती है,

    बुद्धि की शुद्धि ज्ञान से होती है।"

     

    परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज

    Saturday, July 19, 2014

    गुप्त खजाना

    सब कुछ खो जाए, तो उसकी परवाह मत करना, लेकिन आपका गुप्त खजाना साहस खो जाए तो सचमुच चिन्ता की बात है;

    इसे अवश्य सँभाल लीजिए और कंगाली से बचे रहिए।

    vinamrta

    Monday, July 7, 2014

    अच्छे संस्कार


    अच्छे संस्कार
    visit blogs

    संत पुरूष समझाते हें की बचपन से ही अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दो, उन्हें नियम पर चलना सिखाओ ,उन्हें बाँट कर खाना,मिलकर रहना,सबकी सहायता करना ,और प्रभु सिमरन करना सिखाओ !

    अपना हिस्सा खालेना प्रकृति ,
    दूसरों का हिस्सा भी खाजाना विकृति ,
    अपना हिस्सा भी दूसरों को दे देना संस्कृति ,कहलाती है !