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Monday, August 21, 2017
वे माता पिता
अभ्यास करना होगा
अपने अन्दर विकारों को न जगने देने काअभ्यास।
Saturday, August 19, 2017
जिन्दगी के
प्रतीक्षा में
प्रतीक्षा में व्यर्थ जाने वाले
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
Saturday, August 5, 2017
Friday, August 4, 2017
सोने से पहले क्या और क्यों पढ़े?
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Thursday, August 3, 2017
Wednesday, August 2, 2017
जीवन को
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
Sunday, July 30, 2017
विचारों में हीनता
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
अंधेरे से बाहर
Saturday, July 29, 2017
मनुष्य विचारों
मनुष्य विचारों से ही बना है। अगर हमारे विचार महान होंगे तो जीवन भी महान होगा। परम पूज्य सुधांशुजी महाराज |
Thursday, July 27, 2017
Friday, July 21, 2017
मानव जीवन अनमोल
Sunday, July 2, 2017
समय और परिस्थितियाँ
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
Wednesday, April 26, 2017
amrit vachan
Friday, April 14, 2017
फूल बन कर
Sunday, April 9, 2017
Friday, March 31, 2017
जब समंदर मंथन
Friday, March 10, 2017
प्रकृति का नियम है
Thursday, March 9, 2017
ध्यान रखो
Sunday, February 26, 2017
Fwd:
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: Fri, Feb 24, 2017 at 12:20 PM
Subject:
To: mggarga@gmail.com
apne nam ka card banayen
Saturday, February 4, 2017
समय पर काम
Friday, February 3, 2017
"जीवन में कभी
"जीवन में कभी ऐसी घडियाँ भी आती है जब शब्द रुक जाते है, वाणी रुन्ध जाती है आप भाव विभोर होकर ईश्वर का धन्यवाद करना चाहते है, मगर वाणी साथ नहीं देती।
रोएं रोएं में कम्पन आ जाए, कुछ कह न पाएं , समझ न आए क्या कहुं ? मगर आभार व्यक्त करने का भाव जागृत हो जाए – वह प्रेम की अभिव्यक्ति है। भगवान की कृपाओं
के लिए जब शब्द न मिलें , होंठ हिलते रहें "प्रभु कैसे पुकारुं, क्या नाम दूं, किन शब्दों में तेरी प्रार्थना करुं। बुद्धि भी काम नहीं करती, बस तू मेरा है –केवल मेरा है" जब शब्द
मिल न पाएँ और आप कहना चाहते हों यह स्वरुप है प्रेम का। प्रेम में आप शब्द नहीं कह पाते, पर आपकी क्रियाओं में प्रेम है।"
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परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज



