From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2014-08-02 19:04 GMT+05:30
Subject: [FIND DIFFERENT PRODUCTS] मन की शान्ति के लिए (भाग -२)
To: mggarga1@gmail.com
क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो !
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